Nabi Ka Lab Par Jo Zikr Hai Be-Misaal Aaya Naat Lyrics

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया ! / Nabi Ka Lab Par Jo Zikr Hai Be-Misaal Aaya, Kamaal Aaya !

पैकर-ए-दिलरुबा बन के आया, रूह-ए-अर्ज़-ओ-समा बन के आया
सब रसूल-ए-ख़ुदा बन के आए, वो हबीब-ए-ख़ुदा बन के आया

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !
जो हिज्र-ए-तयबा में याद बन कर ख़याल आया, कमाल आया !

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !

तेरी दुआओं ही की बदौलत अज़ाब-ए-रब से बचे हुवे हैं
जो हक़ में उम्मत के तेरे लब पर सवाल आया, कमाल आया !

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !

ग़ुरूर हूरों का तोड़ डाला लगा के माथे पे तिल ख़ुदा ने
जो काले रंग का ग़ुलाम तेरा बिलाल आया, कमाल आया !

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !

उमर की जुर्रत पे जाऊं क़ुरबाँ, थे क़ैसर-ओ-किस्रा जिन से लरज़ाँ
उमर के आने से कुफ्र पर जो ज़वाल आया, कमाल आया !

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !

नबी तो साइम सभी हैं आ’ला, हैं रुत्बे सब के अज़ीम-ओ-बाला
मगर जो आख़िर में आमेना का वो लाल आया, कमाल आया !

नबी का लब पर जो ज़िक्र है बे-मिसाल आया, कमाल आया !

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