Sirf Ek Baar Naat Lyrics In Hindi

 

सिर्फ़ एक बार सिर्फ़ एक बार (जे2)

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

हज़ार बार उठेंगे कदम
खुदा की तरफ (जे2)
बस एक बार चले आओ
मुस्तफ़ा की तरफ
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

घाम सभी रहट ओ तासकीं
मे ढाल जाते है
जब करम होता है
हालात बदल जाते है (जे2)
कोई देखे तो कही
उन की दुहाई दे कर (जे2)
या मुहम्मद से तो
पठार भी पिघल जाते है
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

कोई आ जाए तलब से
भी साइवा देते है
आए बीमार तो हर
दुख की डॉवा देते है (जे2)
गालिया देता है कोई
तो दुआ देते है (जे2)
दुश्मन आ जाए तो चादर
भी बिछा देते है
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

दुआ को बाब ए असर से
गुज़र कर देखो
दर ए नबी पे खुदा को
पुकार कर देखो
शुमार हो नही सकते
शुमार कर देखो
तुम उन से डोर हो लेकिन
वो तुम से डोर नही
यक़ीन ना आए तो उन को
पुकार कर देखो
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

देख लो धूप मडीने
का पता देती है
इश्क़ वालो को तो गर्मी
भी मज़ा देती है (जे2)
क्यू के सूरज की अगर
एक किरण रोज़ाना (जे2)
खूब दीवार ए मदीना
का मज़ा लेती है
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

उन की रहमत ने तो
क़तरे को दरिया कर डाला
खाली दामन जिसस का देखा
यूयेसेस को भी भर डाला (जे2)
माँगने गये भीक तो
हम को घनी कर डाला
ऐसे है सरकार मेरे
ऐसे है सरकार

दिल से मुस्तफ़ा को तू पुकार
होगा बेड़ा पार (जे2)

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