63 साल की उमर हज्जतुल विदा का मोका था नबी साहाबा के साथ गुज़र रहे थे रास्ते में वो जगह आई जहा नबी की माँ की क़बर थी नबी की आँखों में आंसू आगये अपनी माँ की कबर से लिपट के बच्चों की तराह रोने लगे .नबी फ़रमाया करते माँ अगर तू ज़िंदा होती और में मस्जिद ऐ नबवी में नमाज़ पढ़ा रहा होता और तू आवाज़ देती ए मोहम्मद तो में नमाज़ तोड़ के तेरी खिदमत में हाज़िर हो जाता*
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आज उस नबी का क्या हाल होता होगा
जिसके मानने वाले
👉जब माँ के मुह पे जुती मारते होंगे
👉अब्बा को धक्के देके घर से निकालते होंगे
👉अब्बा जान को ड्राइंग रूम में आने की इज़ाज़त नहीं
👉अम्मा जान को बैडरूम में आने की इज़ाज़त नहीं हे
👉अम्मा अब्बा को बेटे के ग्लास को हाथ लगाने की इज़ाज़त नहीं हे
👉बेटे की चारपाई कुर्सी बिस्तर पे बैठने की इज़ाज़त नहीं.

😔
खुदा की कसम अल्लाह के अज़ाब को ना ललकारो
😞माँ बाप की बेइज़्ज़ती ना करो
😔माँ बाप को धक्के ना मारो
😔अपनी आवाज़ का दम उन को चुप करने के लिए ना दिखाओ

 

तुम्हारी भी औलादे होंगी और जिन की हे उनकी औलादे सामने बड़ी होंगी
इंतज़ार करो तुम्हारी औलादे बड़े होके तुम्हे धक्के देंगी

नो जवानो तुम्हारे सब से बड़े पीर तुम्हारे अम्मा अब्बा हे
तुम्हारे सब से बड़े मुर्शिद तुम्हारे अम्मा अब्बा हे

कोई परेशानी आ जाए कोई गम आ जाए
माँ बाप के कदमो में बैठ जाया करो
माँ की तलवो को बोसा दिया करो
अब्बा के आगे पीठ कर के ना चला करो
अपने बाप के पैर की तरफ बैठ जाया करो
बाप के पाँव पकड़ के कहा करो अब्बा तेरी औलाद बड़ी परेशान हे तू अपने हाथ उठा परवारदिगार से दुआ कर .तेरे हाथ खाली वापस ना आएंगे अम्मा दामन फैला दे झोली फैलादे अल्लाह तेरी झोली को रद ना करेगा

परेशानी आ जाए अम्मा अब्बा की दुआए लिया करो
उधर माँ दुआ करेगी इधर अल्लाह तेरी परेशानी को दूर कर देगा..

बस्ती बस्ती जहा जाओ लोगो का रोना
दुखड़ा सुन के दिल रोता हे
सफ़ेद बाल वाले बूढ़े माँ बाप आ के कहते हे बेटा औलाद ना फरमान हो गई
बूढी माँऐ आ के कहती हे इनको तमीज दो बच्चा बिगड़ गया हमारी औलाद को समझादो.

😡क्यों माँ बाप को सताते हो
😡
क्यों बाप को गलियो में रुलाते हो

अब्बा से कह के जाते हो अब्बा जान जब तक नोकरी से ना आऊ तब तक बाहर बेठे रहना
घर में जाएगा बहु से लड़ेगा बहु मुझसे लड़ेगी
अब्बा जान तेरी सुनु या तेरी बहु की सुनु
अब्बा तूने तो ज़िन्दगी गुज़ारली उसके साथ मुझे तो ज़िन्दगी गुज़ारनी हे
उस बाप के दिल पे क्या गुज़रती होगी तूने कभी सोचा हे

बीवी के लिए कमरे में Ac लगवा दिया
माँ को देहलीज़ में बिठा दिया
शर्म नहीं आती

अम्मा के कमरे में पंखा नहीं अम्मा बूढी हे ठण्ड लगेगी हाथ वाला पंखा दे दिया
और बच्चे एक मिनट भी Ac के बगैर नहीं रहते
माँ कितना रोती होगी

कितने नौजवान नोकरी करते होंगे कारोबार करते होंगे
रोजाना फ्रूट लेके जाते हो या कुछ चीज़ लेके जाते हो बीवी के हाथ में देते हो
👉कितने माँ के हाथ में पकड़ाते हो
दूकान से नोकरी से पैसे लेके जाते हो
ये बीवी का खर्चा ये बच्चों का खर्चा ये बिजली का बिल ये टीवी केबल का खर्चा
ओ जालीम कभी माँ बाप का खर्चा भी लेके गए
के अब्बा ये 100 रुपए तेरे अम्मा ये 100 रुपए तेरे कभी नहीं
शर्म नहीं आती?

अगर वालीदेन का कोई ना फरमान ग्रुप मे है,
अभी तौबा करले
insha Allah कबूल हो जायेगी

नौजवानो तुम्हारी उंगलिया सारा दिन मोबाइल में लगी रहती हे थोड़ी देर मोबाइल साइड में रख के जाओ

अपनी माँ से माफ़ी मांगलो

दो आंसू आँख में रख के माँ से कहना माँ मुझे माफ़ करदे ,वो तेरा ज़िन्दगी भर का सताना और ना फ़रमानी माफ़ कर देगी.

ये ग्रुप मे माफी मांगते फीरने का ढोंग बंद कर.
जा घर जा.
तेरी माफी के ईंतजार मे तो आज रब्बे करीम भी है.

आमीन

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