Raza Raza Ai Mere Raza Hindi Lyrics

मेरे रज़ा ! मेरे रज़ा !
मेरे रज़ा ! मेरे रज़ा !

रहनुमा-ए-कामिलां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
पेशवा-ए-आशिक़ां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है हमारा मुक़्तदा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
इल्म-ओ-फ़न का बादशाह, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है मदीने की ज़िया, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
ग़ौस-ए-पाक की अता, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा

प्यारे रज़ा, सोहणे रज़ा, अच्छे रज़ा, सच्चे रज़ा

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

अहमद रज़ा, अहमद रज़ा
अहमद रज़ा, अहमद रज़ा

जल्वा-ए-नूर है के सरापा रज़ा का है
तस्वीर-ए-सुन्नियत है के चेहरा रज़ा का है

वादी रज़ा की कोह-ए-हिमाला रज़ा का है
जिस सम्त देखिए वो इलाक़ा रज़ा का है

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

किस की मजाल है जो नज़र भी मिला सके
दरबार-ए-मुस्तफ़ा में ठिकाना रज़ा का है

अल्फ़ाज़ बह रहे हैं दलीलों की धार पर
चलता हुवा क़लम है के धारा रज़ा का है

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

रहनुमा-ए-कामिलां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
पेशवा-ए-आशिक़ां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है हमारा मुक़्तदा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
इल्म-ओ-फ़न का बादशाह, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है मदीने की ज़िया, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
ग़ौस-ए-पाक की अता, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा

प्यारे रज़ा, सोहणे रज़ा, अच्छे रज़ा, सच्चे रज़ा

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

दस्तार आ रही है ज़मीं पर जो सर उठे
इतना बुलंद आज फरेरा रज़ा का है

छूता है आसमान को मीनार अज़्म का
यानी अटल पहाड़ इरादा रज़ा का है

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

दरिया फ़साहतों के रवां शाइ’री में हैं
ये सहल-ए-मुम्तन’अ है के लहज़ा रज़ा का है

जो उस ने लिख दिया है सनद है वो दीन में
अहल-ए-क़लम की आबरू नुक़्ता रज़ा का है

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

अगलोंने भी लिखा है बहुत दीन पर मगर
जो कुछ है इस सदी में वो तन्हा रज़ा का है

इस दौर-ए-पुर-फ़ितन में नज़र ! ख़ुश-अक़ीदगी
सरकार का करम है वसीला रज़ा का है

रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! ए मेरे रज़ा !

रहनुमा-ए-कामिलां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
पेशवा-ए-आशिक़ां, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है हमारा मुक़्तदा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
इल्म-ओ-फ़न का बादशाह, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
है मदीने की ज़िया, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
ग़ौस-ए-पाक की अता, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा
मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा, मेरा रज़ा

शायर:
प्रोफ़ेसर जमील नज़र साहिब

नातख्वां:
मुहम्मद अशफ़ाक़ अत्तारी

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