Qaseeda-e-Bahaariya Hindi Lyrics

 

आ गए रसूलल्लाह (क़सीदा-ए-बहारिया / आमद-ए-माह-ए-रबीउल-अव्वल) / Aa Gae Rasoolallah (Qaseeda-e-BahaariyaHindi Lyrics  / Aamad-e-Maah-e-Rabiul-Awwal)

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

ऊदी ऊदी बदलियाँ घिरने लगीं
नन्ही नन्ही बूँदियाँ बरसा चलीं
नदियाँ फिर आँखें दिखलाने लगीं
छोटी छोटी झीलेँ फिर लहरा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

झूमती आईं नसीमें नरम-नरम
पतली पतली डालियाँ लचका चलीं
दिल खुले, कानों में रस पड़ने लगे
ख़ुश-नवा चिड़ियाँ तराने गा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

सुर्ख़, सब्ज़, ऊदी, सुनहरी बदलियाँ
दिन ढले, क्या चुनरियाँ रंगवा चलीं !
फिर नज़र में गुदगुदी होने लगी
धानी धानी बूटियाँ फड़का चलीं
उमड़ी, गरजीं, चमकीं काली बदलियाँ
बालों नादानों का दिल धड़का चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

फिर उठा पौधों के जोबन में उभार
नन्ही नन्ही कोंपलें हरिया चलीं
ख़ूब बरसीं, ख़ूब बरसीं, खुल गईं
खुल के फिर कुछ देर में गरमा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

डेरे, झीलें, ताल, नहरें, नदियाँ
कुछ कमर तक, कुछ गले तक आ चलीं
फूल महके, ग़ुंचे चटके, गुल खिले
नौ-बहारें जा-ब-जा इठला चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

लहलहाना, खिलखिलाना, वाह वाह !
पत्तियाँ कलियाँ क़यामत ढा चलीं
बजरे छूटे, किश्तियाँ पड़ने लगीं
नहरें लहरों के मज़े दिखला चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह
आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

शायर:
इमाम अहमद रज़ा खान बरेल्वी

नातख्वां:
हाजी मुश्ताक़ अत्तारी क़ादरी

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.