Imam-e-Ambiya Habib-e-Kibriya Mere Huzoor Di Koi Misaal Nain Lyrics

 

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

Imam-e-Ambiya, Habib-e-Kibriya, Mere Huzoor Di Koi Misaal Nain

फिरे ज़माने में चार जानिब, निगार-ए-यकता तुम्हीं को देखा
हसीन देखे, जमील देखे, बस एक तुमसा तुम्हीं को देखा

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं
हुस्न दी इंतिहा, मुहम्मद मुस्तफ़ा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया

वल-फ़ज्र जिस दी पेशानी, सोहणा यासीन सेहरा
ऐनुल्लाह अखियाँ नूरानी, वजहुल्लाह है चेहरा
शीरीं सुख़न, रूह-ए-चमन, शाह-ए-ज़मन
शफ़ी-ए-आसियाँ, नबी ख़ैरुल-वरा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया

मुख चंद बदर शअशानी ए
मथे चमके लाट नुरानी ए
काली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी ए
मख़्मूर अखीं हेन मद भरियाँ

नूर-ए-ख़ुदा जैसा कोई एथे होणा न आया
सानी कींवें उस दा होवे, जेदा दिस दा नैं साया
त़ाहा ज़बीँ, माह-ए-मुबीँ, सब तों हसीँ
जिनूँ सादिक़ अमीन है दुश्मन आख दा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया

हसनैन दा सोहणा नाना, चन तोड़े ते जोड़े
उँगली दा कर के इशारा, सोहणा सूरज नूं मोड़े
शम्सुद्दुहा, बदरुद्दुजा, सल्ले अला
जिन्हां पथराँ तों वीं लेया कलमा पढ़ा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया

क़ुरआन सारे दा सारा है क़सीदा नबी दा
इमरान आजिज़ ! ए दुनिया बणी सदक़ा नबी दा
जान-ए-जहाँ, जान-ए-ईमाँ, हक़ दी अज़ाँ
सफ़ीर-ए-ला-मकाँ, अता दी इंतिहा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

इमाम-ए-अम्बिया, हबीब-ए-किब्रिया, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं
हुस्न दी इंतिहा, मुहम्मद मुस्तफ़ा, मेरे हुज़ूर दी कोई मिसाल नैं

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