Har Desh Mein Gunjega Ab Ya Rasoolallah Hindi Lyrics

फ़िदाक या रसूलल्लाह, फ़िदाक या रसूलल्लाह
फ़िदाक या रसूलल्लाह, फ़िदाक या रसूलल्लाह

लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक
लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक, लब्बैक

हम सर पे कफ़न बांधे मैदान में निकले हैं
बातिल के महलों को हम ढा ने निकले हैं

हिम्मत है हमें टोको, दम है तो हमें रोको
हम नार-ए-रिसालत को फ़ैलाने निकले हैं

नारा-ए-रिसालत… या रसूलल्लाह
नारा-ए-रिसालत… या रसूलल्लाह

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर शख़्स पुकारेगा अब या रसूलल्लाह

हम सारी दुनिया में हलचल सी मचा देंगे
सरकार के आशिक़ हैं रंग अपना जमा देंगें

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

मीलाद-ए-नबी करना ये ख़ून में शामिल है
इस मिशन की ख़ातिर हम दिन-रात लगा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

सरकार की नातों से पुर-जोश हैं दीवानें
मीलाद की महफ़िल में माहौल बना देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

सारा जहाँ फ़िदा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है
हर कोई कह रहा है, मीलाद-ए-मुस्तफ़ा है

सरकार की आमद… मरहबा
दिलदार की आमद… मरहबा
आक़ा की आमद… मरहबा
दाता की आमद… मरहबा
सब झूम के बोलो… मरहबा
लब चूम के बोलो… मरहबा
ललकार के बोलो… मरहबा

नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए
नूर वाले मुस्तफ़ा आ गए, छा गए

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

क्यूँ कर न मनाएं हम ! ये सुन्नी सक़ाफ़त है
मीलाद मनाने पर सरकार जज़ा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

सौदा न करेंगे हम, ईमान न बेचेंगे
नामूस-ए-रिसालत पर दुनिया को हिला देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

हर नस्ल का नारा है, हर कौम का नारा है
इस नारे से लोगों को आपस में मिला देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

इस्लाम जो मज़हब है, पैग़ाम-ए-मोहब्बत है
इस अमन के परचम को हर घर में लगा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

सरकार की इज़्ज़त पर मरना है हमें लोगो
ये वा’दा हमारा है, सब कुछ ही लुटा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

हमने यही ठानी है, मन्नत यही मानी है
इस देश की मिट्टी पर ख़ून अपना बहा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

हैं आल-ए-नबी प्यारे, असहाब सितारे हैं
दोनों की मोहब्बत को हर दिल में बसा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

आए हैं उजागर के संग अमजद-ओ-ताहिर भी
पैग़ाम-ए-नबी देंगे, अहकाम-ए-ख़ुदा देंगे

हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह
हर देश में गूंजेगा अब या रसूलल्लाह

बेशक़ ! वो इंसान नहीं है जो नफ़रत फैलाए
वहशी है वो क़ातिल है जो ख़ून इंसां का बहाए
अमन की आशा, अमन का परचम मुस्लिम का पैग़ाम है
अमन-ए-आलम, दर्स-ए-मोहब्बत, ये मेरा इस्लाम है
हर-सू फ़िरक़ावारियत की हर दीवार गिराएंगे
थाम के अल्लाह की रस्सी को सारे एक हो जाएंगे
अहल-ए-जन्नत का है अक़ीदा, बोलो या रसूलल्लाह
अहल-ए-मोहब्बत का है नारा, बोलो या रसूलल्लाह
जोश-ए-ईमां की गर्मी से हर मुस्लिम जागेगा
पाक-पतन से देखना यारो ! हर दुश्मन भागेगा
लिखेंगे तारीख़-ए-वफ़ा हम ख़ून से अपने लोगो
दोहराएंगे कर्बोबला हम ख़ून से अपने लोगो
नस नस में बिजली जागी है, वक़्त-ए-शहादत आया
दीन पे हमने कमर बाँधी है, वक़्त-ए-शहादत आया
इन के ग़ुलामों से ना उलझो ये दुनिया में फ़ैल गए
गुस्ताख़ों को ख़तम किया और जां पे अपनी खेल गए
जानों का नज़राना ले कर मक़्तल मक़्तल जाएंगे
हुरमत-ए-आक़ा पर ए उजागर ! सूली पर चढ़ जाएंगे

शायर:
अल्लामा निसार अली उजागर

नातख्वां:
हाफ़िज़ ताहिर क़ादरी और अमजद साबरी

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