Chor Fikr Duniya Ki Naat Lyrics In Hindi

 

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते है
मुस्तफ़ा गुलामों की किस्मते बदलते है

रहमतो के बदल के साए साथ चलते हैं
मुस्तफ़ा के दीवाने घर से जब निकलते हैं

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते हैं
मुस्तफ़ा गुलामो की क़िस्मतें बदलते हैं

हुमको रोज़ मिलता है सदक़ा प्यारे अक़ा का
उनके दर के टुकड़ो पर हम जैसे खुश नसीब पलते हैं

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते हैं
मुस्तफ़ा गुलामों की क़िस्मतें बदलते हैं

अमीना के प्यारे का सब्ज़ गुंबद वेल का
जश्न हम मानते जलने वेल जलते हैं

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते हैं
मुस्तफ़ा गुलामों की क़िस्मतें बदलते हैं

सिर्फ़ सारी दुनिया मे वो तैबा की गलियाँ हैं
जिस जगह पे हम जैसे खोटे सिक्के चलते हैं

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते हैं
मुस्तफ़ा गुलामों की क़िस्मतें बदलते हैं

सच हैं गैर का एहसान वो कभी नही लेते
आय अलीम अक़ा के जो टुकड़ो पे पलते हैं

छोर फ़िक्र दुनिया की चल मदिने चलते हैं
मुस्तफ़ा गुलामों की क़िस्मतें बदल ते हैं

 

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