Apni Lagan Laga De Hindi Lyrics

 

छींड़ां इंज छड़ींदा यार (अपनी लगन लगा दे) / ChhinDan Inj ChhaDinda Yaar (Apni Lagan Laga De)

मैं इश्क़ कमावण निकली सां, घर बार लुटा के बेह गई आँ
मैनूं ख़बर न औंदे जांदे दी, तस्वीर बणा के बेह गई आँ
किय दसां लोकां झलियाँ नूं, क्यूँ झली हो के रेह गई आँ
दुनिया सारी छड के ते मैं राह फ़क़ीर दे बे गई आँ

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

अपनी लगन लगा दे, अपनी लगन लगा दे
मेरी ख़ुदी मिटा दे, अपनी लगन लगा दे

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

ऐसा गुमूँ मैं ख़ुद से ख़ुद को ना ढूंढ पाऊं
ऐसी फ़ना-बक़ा दे, अपनी लगन लगा दे

ऐसा गुमा दे अपनी विला में ख़ुदा मुझे
के ढूँढा करूँ पर अपनी ख़बर को ख़बर न हो

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

दरिया-ए-मा’रिफ़त में डूबा रहूं मैं हर दम
आरिफ़ मुझे बना दे, अपनी लगन लगा दे

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

मेरे नफ़स नफ़स में हू हू की हो सदाएं
दिल आईना बना दे, अपनी लगन लगा दे

जिस दिल अंदर इश्क़ ना रचिया, कुत्ते उस तो चंगे
मालिक दे घर राखी दे वर साबिर भूखे नंगे
मालिक दा घर नैयों छड़ दे पावे मारो सो सो जुत्ते
चल बुल्लेया उठ यार मना ले

अधी राती रहमत रब दी, करे बुलंद अवाज़ा
बख़्शिश मँगण वालेयां ताईं खुला ए दरवाज़ा

चल बुल्लेया उठ यार मना ले नैं ता बाज़ी ले गए कुत्ते

चल बुल्लेया उठ यार मना ले

अलिफ़ अग लगी विच सीने ते, सीना तप के वांग तंदूर होया
कुज लोकां दे ता’नेयां मार दिता, कुज सजण अखां तो दूर होया
बुल्ले शाह लोकी हस के यार मना लें दे, ते साडा रोणा वी ना-मंज़ूर होया

चल बुल्लेया उठ यार मना ले नैं ता बाज़ी ले गए कुत्ते
चल बुल्लेया उठ यार मना ले नैं ता बाज़ी ले गए कुत्ते

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

मौला ! उबैद को भी क़ल्ब-ए-सलीम दे कर
हक़-आश्ना बना दे, अपनी लगन लगा दे

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

वजे अल्लाह वाली तार
सोहणे साहियाँ वाली तार
मेरे मुर्शिद वाली तार

छींड़ां इंज छड़ींदा यार
छींड़ां इंज छड़ींदा यार

ख़ुदा तुझे किसी तूफ़ां से आश्ना कर दे
के तेरे बहर की मौजों में इज़्तिराब नहीं

शायर:
ओवैस रज़ा क़ादरी (उबैद रज़ा)

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.