तेरा वस्फ़ बयां हो किससे

तेरा वस्फ़ बयां हो किससे, तेरी कौन करेगा बड़ाई
इस गर्दे-सफ़र में गुम है जिब्रीले-अमीं की रसाई

ऐ मज़हरे-शाने-जमाली, ऐ ख्वाजाओ-बन्दा-ए-आली
मुझे हश्र में काम आ जाए मेरा ज़ौक़े-सुख़न आराई

मा अजमलका तेरी सूरत, मा अह़सनका तेरी सीरत
मा अकमलका तेरी अज़मत, तेरी ज़ात में गुम है ख़ुदाई

ये रंगे-बहारे-गुलशन, ये गुल और गुल का जोबन
तेरे नूरे-क़दम का धोवन, इस धोवन की राअ़नाई

तेरी एक नज़र के तालिब, तेरे एक सुख़न पर क़ुरबां
ये सब तेरे दीवाने, ये सब तेरे शयदाई

तू रईसे-रोज़े-शफ़ाअत, तू अमीरे-लुत्फ़ो-इनायत
है अदीब को तुझ से निस्बत, ये ग़ुलाम है तू आक़ाई

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