तू शाहे-खूबाँ तू जाने-जानां Naat Lyrics

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा
न बन सकी है, न बन सकेगा, मिसाल तेरी, जवाब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

फिरे ज़माने में चारो जानिब, निग़ाहे-यक्ता तुम्हीं को देखा
हसीन देखे, जमील देखे, बस एक तुमसा तुम्हीं को देखा

तू सब से अव्वल, तू सब से आख़िर, मिला है हुस्ने-दवाम तुझको
है उम्र लाखों बरस की तेरी मगर है ताज़ा शबाब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

सब से औला व आ’ला हमारा नबी, सब से बाला व वाला हमारा नबी
अपने मौला का प्यारा हमारा नबी, दोनों अ़ालम का दूल्हा हमारा नबी

ख़ुदा की कुदरत ने डाल रखे हैं तुझ पे सत्तर हज़ार पर्दे
जहाँ में लाखों ही तूर बनते जो एक भी उठा हिज़ाब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

मैं तेरे हुस्नो-बयां के सदक़े, मैं तेरी मीठी ज़ुबां के सदक़े
ब-रंगे-खुश्बू दिलों पे उतरा, है कितना दिलकश ख़िताब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

व अह़्सनो मिन्क लम तरक़त्तु अ़यनी, व अजमलू मिनक लम तलिदि-न्निसाउ
खु़लिक्त़ मुबर्र अ-म्मिन कुल्ले अ़य्बीन, कअन्नक क़द खु़लिक्त़ कमा तशाउ

हो मुश्क़ो-अम्बर, या बू-ए-जन्नत, नज़र में उसकी है बे-हक़ीक़त
मिला है जिसको, मला है जिसने, पसीना रश्के-गुलाब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

है तू भी साइम अजीब इन्सां, जो ख़ौफ़े-मेहशर से है हिरासां
अरे! तू जिनकी है नात पड़ता वोही तो लेंगे हिसाब तेरा

तू शाहे-खूबाँ, तू जाने-जानां, है चेहरा उम्मुल-किताब तेरा

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