ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का
तन मन वारा जिस ने देखा चेहरा नूर वाले का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

गौष क़ुतुब अब्दाल कलंदर सब उनके गुन गाते है
फरशे ज़मीं पर अर्शे बारिं पर चर्चा नूर वाले का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

क़ब्र में जब पूछेंगे फरिश्ते अपना तारूफ पेश करो
तो में उनसे कह दूंगा में हूं मंगता प्यारे आका का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

हर नेअमत देता हैं खुदा पर वार के उन पर देता है
खाता है सारा आलम सदका नूर वाले का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

होगी तलब मेरी ये पूरी दूर करेंगे वो दूरी
इन शा अल्लाह हम देखेंगे रोज़ा नूर वाले का

ए मौला एक बार दिखा दे जलवा नूर वाले का

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.