आमाल नहीं कुछ भी ये हाल हमारा है

आमाल नहीं कुछ भी ये हाल हमारा है
बस आपकी रहमत का सरकार सहारा है

डूबा हूं गुनाहों में सरकार करम करना
रहमत भी तुम्हारी हे बंदा भी तुम्हारा है

ए मौत ज़रा रूक जा किया इतनी भी जल्दी है
आंखो में अभी मेरी तैयबा का नज़ारा है

चाहें ये जहां छूटे चाहें ये जहां रूठे
टूटे ना शहा तुमसे रिश्ता जो हमारा है

हे पस्त अगर किस्मत घभराना अमीं आसी
वोह जीत गया महशर दुनियां में जो हारा है

तोफिक मुझे दी हे दुनिया में जो नातों की
मेहशर में भी कह देना फुरकान हमारा हे

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