अल्लाह अल्लाह उनका करम देखना

अल्लाह अल्लाह उनका करम देखना
हम तसव्वुर में रोज़े पे जाने लगे

फिर दिले मुब्तिला कैफ पाने लगा
फिर मदीने के दिन याद आने लगे

दीदा ओ रूहो दिल खोये खोय से थे
दूरियों हिजर में रोए रोए से थे

जब वहां की बहारें नजर आ गई
दिदा ओ रूहों दिल मुस्कुराने लगे

अल्लाह अल्लाह वहां की अताए तमाम
अल्लाह अल्लाह वहां की जियाए तमाम

कलब का गोशा गोशा मुनव्वर हुवा
दाग़ हाए जबिं जगमगाने लगे

उस जगा जाके कोनो मकां मिल गए
और किया चाहिए दो जहां मिल गए

जिस क़दर थी मुरादें हुई बर आवर
जितने अरमान थे सब ही बर आने लगे

वोह खजूरों के साए वोह ठंडी हवा
वोह सुकूं आफ़रीन रुह परवर फिज़ा
काशिफ बहज़ाद हमको मिले मस्तकिल
ज़िन्दगी की महनत ठिकाना लगे

अल्लाह अल्लाह उनका करम देखना
हम तसव्वुर में रोज़े पे जाने लगे

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.