अली नूं याद करो

 

अली नूं याद करो
रल के फ़रियाद करो
है ग़रीबां दा एहो आसरा

क्यूँ अक़ीदत से न मेरा दिल पुकारे या अली !
जिस के हैं मौला मुहम्मद उस के हैं मौला अली

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
अली मौला, अली मौला, अली दम दम

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
लख ते करोड़ वारी आखो जम जम

अली नाल बुग्ज़ रखे एवे तू निकम्मेया
उत्ते तेरा हज होवे जिते अली जमेया

अली मौला, अली मौला, अली दम दम

अली दी पेहचाण ऐ रब दी पेहचाण
अली दियां ताकतां नूं जाणदा जहाण

अली मौला, अली मौला, अली मौला, अली अली

रब दा ए शेर, उच्चीयांनी दियां शान
‘कुल्ले ईमान अली’ नबी दा एलान

अली मौला, अली मौला, अली मौला, अली अली

हैदर-ए-क़रार, बू-तुराब अली अली
हाश्मी चराग़, ला-जवाब अली अली

जिना दा ना कोई अली उना दा भरम

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
अली मौला, अली मौला, अली दम दम

मंज़र फ़िज़ा-ए-दहर में सारा अली का है
जिस सम्त देखता हूँ नज़ारा अली का है

तुम दखल दे रहे हो अक़ीदत के बाब में
देखो ये मामला तो हमारा अली का है

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
अली मौला, अली मौला, अली दम दम

बग़ैर हुब्ब-ए-अली मुदआ’ नहीं मिलता
इबादतों का भी हरगिज़ सिला नहीं मिलता
ख़ुदा के बन्दों ! सुनो गौर से ख़ुदा की क़सम
जिसे अली नहीं मिलते, ख़ुदा नहीं मिलता

नबी दा पियारा अली नूर अला नूर
अली दा ए अल्लाह अल्लाह काअबे चे ज़हूर

अली मौला, अली मौला, अली मौला, अली अली

अली मौला औने जें दे मौला ने हुज़ूर
अली पीर पीरांदा एं दिलां दा सुरूर

अली मौला, अली मौला, अली मौला, अली अली

वलियाँ दे सिरां दा ए ताज अली अली
मोमिनां दी बस ए मेअराज अली अली

गिण गिण दसां की वें अली दे करम

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
अली मौला, अली मौला, अली दम दम

हुसैनी जज़्बा उभारता है अली के नाम का नारा
यज़ीदियों को पछाड़ता है अली के नाम का नारा

अली है मुस्तफ़ा की जान सुनो
अली है मुस्तफ़ा की जान सुनो

अली मौला, अली मौला, अली दम दम
अली मौला, अली मौला, अली दम दम

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